जीरकपुर (नेहा): पंजाब में बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले ‘एलमोंट किड कफ सिरप’ को घटिया गुणवत्ता का करार देते हुए फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) पंजाब, ड्रग्स विंग ने इसकी बिक्री, वितरण और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश डिप्टी ड्रग्स कंट्रोलर (I), सीडीएससीओ (ईस्ट ज़ोन) से प्राप्त जानकारी और सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी, कोलकाता की जांच रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है।
एलमोंट-किड (लेवोसेटिरिज़िन डाइहाइड्रोक्लोराइड और मोंटेलुकास्ट सोडियम सिरप) के बैच नंबर AL-24002, निर्माण तिथि जनवरी 2025 और समाप्ति तिथि दिसंबर 2026 में गंभीर खामियां पाई गई हैं। यह दवा ट्राइड्स रेमेडीज, हाजीपुर (बिहार) द्वारा निर्मित है। लैब जांच के दौरान इस सिरप में एथिलीन ग्लाइकोल की मौजूदगी पाई गई, जिसे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है और जो दवा को असुरक्षित बनाती है। विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि लोकहित को ध्यान में रखते हुए इस उत्पाद पर पंजाब राज्य में तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाता है।
एफडीए पंजाब ने सभी रिटेलर, डिस्ट्रीब्यूटर, पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर, अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे न तो इस सिरप की खरीद-फरोख्त करें और न ही किसी मरीज को इसकी खुराक दें। इसके साथ ही राज्य के सभी जिलों को अलर्ट करते हुए कहा गया है कि यदि कहीं भी इस दवा का स्टॉक पाया जाता है तो उसकी तत्काल सूचना ड्रग्स कंट्रोल, एफडीए पंजाब को दी जाए।
सभी ड्रग कंट्रोल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी यह सिरप उपलब्ध हो, उसे तुरंत जब्त कर सैंपल भरे जाएं और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह आदेश पंजाब की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं, दवा लाइसेंस धारकों, मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों को अमल के लिए भेज दिया गया है, ताकि घटिया गुणवत्ता वाली दवा से किसी भी प्रकार के नुकसान को समय रहते रोका जा सके।


