नई दिल्ली (नेहा): एक जनवरी 2026 से एनर्जी एफिशिएंसी (ऊर्जा दक्षता) के मानकों को और सख्त कर दिया है। अब कंपनियों को पहले से ज्यादा पावर सेविंग वाले प्रोडक्ट्स बनाने होंगे। नए नियमों के अनुसार जो एसी या फ्रिज पहले पांच स्टार के कैटेगरी में आते थे, वे अब चार स्टार के माने जाएंगे।
वहीं, नया पांच स्टार टैग पाने के लिए अप्लायंसेज को ज्यादा एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ तैयार करना होगा। हालांकि कीमतें बढ़ेंगी, लेकिन इसके बदले बिजली की खपत कम होगी और लंबे समय में बिजली बिल में राहत मिल सकती है।
बीईई के नए नियमों से कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर ग्राहको की जेब पर पड़ सकते हैं। एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर की कीमतों में पांच से दस प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और कॉपर व अन्य कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी भी दाम बढ़ने की बड़ी वजह मानी जा रही है।
बीते साल सितंबर में जीएसटी में कटौती के बाद एसी की कीमतों में करीब दस फीसदी तक की कमी आई थी। जिससे ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन अब नए बीईई स्टार रेटिंग के लागू होने के बाद वहीं कीमतें दोबारा बढ़ने की संभावना है।


