नई दिल्ली (नेहा): पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर राज्य में जारी वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को तुरंत रोकने की अपील की है। TMC प्रमुख ने चेतावनी दी है कि SIR से बड़े पैमाने मतदाताओं के मताधिकार का हनन हो सकता है। साथ हीभारतीय लोकतंत्र की नींव को अपूरणीय क्षति पहुंचा सकती है। सीएम ने कहा कि इससे ऐसा नुकसान होगा जिसकी बाद में भरपाई नहीं हो सकती।
तीन दिसंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे पत्र में ममता बनर्जी ने बंगाल में SIR में कथित अनियमितताओं, प्रक्रियागत उल्लंघनों और प्रशासनिक खामियों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंनने कहा कि यह प्रक्रिया अनियोजित, अपर्याप्त तैयारी और आननफानन में की गई है। मुख्यमंत्री ने दावा किया, “एसआईआर प्रक्रिया में गंभीर खामियां हैं और यह हमारे लोकतंत्र के मूल ढांचे और संविधान की भावना पर प्रहार करती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि अत्यधिक जल्दबाजी और पर्याप्त तैयारी की कमी के कारण गंभीर खामियां उत्पन्न हुई हैं।
ममता ने पत्र में लिखा, “यदि इसे वर्तमान स्वरूप में जारी रहने दिया गया, तो एसआईआर से अपूरणीय क्षति होगी। बड़े पैमाने पर मतदाताओं के मताधिकार का हनन होगा। साथ ही लोकतंत्र की नींव पर प्रहार होगा।” मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग से तत्काल सुधारात्मक उपाय करने का आग्रह किया और कहा कि ऐसा न करने पर ‘मनमानी और अनियोजित प्रक्रिया को रोका जाना चाहिए’।


