नई दिल्ली (नेहा): गणतंत्र दिवस समारोह में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को शांति काल के सर्वोच्च सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। इस मौके पर दर्शक दीर्घा में मौजूद उनकी पत्नी कामना शुक्ला मुस्कराते हुए दिखीं। उनके चेहरे पर गर्व और खुशी के भाव साफ झलक रहे थे। लखनऊ के रहने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला हाल ही में अंतरिक्ष स्टेशन पर 14 दिन बिताकर आए हैं, वो एक्सिओम 4 मिशन का हिस्सा थे। कामना पेशे से डॉक्टर हैं। कामना शुक्ला लखनऊ में ही रहती हैं।
शुभांशु जब 16 जुलाई को अंतरिक्ष स्टेशन से लौटे थे तो वो बेटे कियांश के साथ उनसे मिलने भी गई थीं। अंतरिक्ष में जाने के पहले शुभांशु शुक्ला दो महीने तक क्वारंटीन रहे थे और लंबी ट्रेनिंग के कारण करीब वो एक साल से अपनी पत्नी से दूर थे। ऐसे में जब वो अमेरिकी पहुंचीं थीं तो पति को गले से लगा लिया था। उस इमोशनल पल को शुभांशु शुक्ला ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा भी किया था।
अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला की पत्नी डॉक्टर कामना शुक्ला डेंटिस्ट हैं। लखनऊ के सिटी मांटेसरी स्कूल में दोनों लंबे वक्त तक साथ पढ़े हैं। स्कूल में ही दोनों के बीच प्यार हुआ और फिर सात साल पहले वो शादी के बंधन में बंध गए। वर्ष 2009 में दोनों की शादी हुई थी। कामना शुक्ला और शुभांशु शुक्ला ने लखनऊ अलीगंज के सिटी मांटेसरी स्कूल में कक्षा 3 से साथ पढ़ाई की है। दोनों एक दूसरे के गहरे दोस्त भी हैं। कामना ने बताया था कि शुभांशु शुक्ला शर्मीले, शांत और विनम्र व्यक्ति हैं। शुभांशु को हमेशा से अंतरिक्ष में उड़ान का सामना रहा है।
शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला और पिता शंभू दयाल शुक्ला के साथ कामना शुक्ला लखनऊ में रहती हैं। शुभांशु शुक्ला का एनडीए में चयन शुभांशु शुक्ला का 16 साल की उम्र में एनडीए में चयन हो गया था। वो अंग्रेजी और हिन्दी दोनों में एक्सपर्ट हैं। लखनऊ में 10 अक्टूबर 1985 को पैदा हुए शुभांशु शुक्ला को जून 2006 में IAF एयरफोर्स पायलट के तौर पर कमीशन मिला। शुभांशु शुक्ला मिग-21, MiG-29, सुखोई 30 MKI, जगुआर जैसे फाइटर जेट उड़ा चुके हैं। उन्हें 2 हजार से ज्यादा घंटे का उड़ान का अनुभव है। शुभांशु को मार्च 2024 में ग्रुप कैप्टन का ओहदा मिला था।


