नई दिल्ली (नेहा): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को लेकर दुनियाभर में चर्चा है। ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि कोई परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना होगा। उन्होंने आगे कहा कि आज की दुनिया तेजी से बदल रही है और हर दिन नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘चाहे महामारी हो, आतंकवाद हो या क्षेत्रीय संघर्ष, यह शताब्दी अब तक की सबसे अस्थिर और चुनौतीपूर्ण साबित हुई है।’
रक्षा मंत्री ने आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा, ‘आज आत्मनिर्भरता सिर्फ लाभ नहीं बल्कि एक आवश्यकता बन गई है। पहले इसे विशेषाधिकार माना जाता था, अब यह हमारे अस्तित्व और प्रगति के लिए अनिवार्य है।’ उन्होंने आगे कहा कि भारत किसी को दुश्मन नहीं मानता, लेकिन किसानों और उद्यमियों के हित सबसे महत्वपूर्ण हैं। रक्षा मंत्री ने बताया कि बदलती भू राजनीति ने स्पष्ट कर दिया है कि रक्षा क्षेत्र में बाहरी निर्भरता अब विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि 2014 में भारत का रक्षा निर्यात ₹700 करोड़ से भी कम था, जबकि आज यह लगभग ₹24,000 करोड़ तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि भारत अब सिर्फ खरीदार नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादक और निर्यातक भी बन रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना की क्षमता पर जोर देते हुए कहा, ‘हमारे बलों ने स्वदेशी उपकरणों के साथ लक्ष्यों पर सटीक हमले किए, जो दिखाता है कि किसी मिशन की सफलता के लिए दूरदर्शिता, लंबी तैयारी और समन्वय अनिवार्य हैं।’ राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा कि यह केवल कुछ दिनों की लड़ाई नहीं थी, बल्कि इसके पीछे वर्षों की रणनीतिक तैयारी और रक्षा तैयारियों का लंबा इतिहास था। उन्होंने कहा, ‘जैसे एक खिलाड़ी दौड़ में कुछ सेकंड में जीत हासिल करता है, लेकिन इसके पीछे महीनों और वर्षों की मेहनत होती है, उसी तरह हमारे बलों ने सालों की तैयारी, मेहनत और स्वदेशी उपकरणों के साथ चुने हुए लक्ष्यों पर प्रभावी कार्रवाई की ।