नई दिल्ली (नेहा): चीन के तियानजिन में आज से शुरू हो रहे दो दिवसीय एससीओ सम्मेलन पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। एससीओ मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक साथ होंगे। डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण भारत-अमेरिका संबंधों में अचानक आई गिरावट को देखते हुए पीएम मोदी की चीन यात्रा और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
प्रधानमंत्री मोदी मुख्य रूप से 31 अगस्त और 1 सितंबर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल से ज्यादा के अंतराल के बाद शनिवार को चीन पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी पिछली बार जून 2018 में एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने चीन गए थे।
इसके बाद चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग अक्टूबर 2019 में दूसरे ”अनौपचारिक शिखर सम्मेलन” के लिए भारत आए थे। लेकिन जून 2020 में गलवन घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था। इस तनाव को दूर के करने के लिए दोनों देशों की ओर से प्रयास चल रहे थे। इसी सिलसिले में हाल ही में चीनी विदेश मंत्री वांग ई ने भारत का दौरा किया था।
यहां बता दें कि भारत और चीन पर ट्रंप ने टैरिफ थोपा है तो उधर रूस पर भी कई प्रतिबंध लगा रखे हैं। तियानजिन पहुंचने के कुछ समय बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की का मोदी को फोन आया। पीएम मोदी सोमवार को इस चीनी शहर में शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन के साथ व्यापक बातचीत करने वाले हैं और यूक्रेन संघर्ष इस बातचीत के प्रमुख विषयों में से एक होने की उम्मीद है।
रविवार को मोदी की चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक होनी है। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और चीन दोनों ही ट्रंप की टैरिफ नीति के कारण वैश्विक व्यापार में उत्पन्न तनाव के बीच अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर विचार कर रहे हैं।
इस दौरान मोदी ने जेलेंस्की से कहा कि भारत यूक्रेन में जंग समाप्त करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है। जेलेंस्की ने मोदी से कहा था कि युद्ध का अंत तत्काल युद्ध विराम से होना चाहिए। बाद में मोदी ने एक्स पर लिखा- ” राष्ट्रपति जेलेंस्की को उनके फोन काल के लिए धन्यवाद। हमने चल रहे संघर्ष, इसके मानवतावादी पहलू और शांति एवं स्थिरता बहाल करने के प्रयासों पर विचार-विमर्श किया। भारत इस दिशा में सभी प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता है।”