नई दिल्ली (नेहा): दुनिया के ज्यादातर देशों में लाल लिपस्टिक को आत्मविश्वास और ग्लैमर का प्रतीक माना जाता है लेकिन एक देश ऐसा भी है जहां यह रंग आपकी मुसीबत का सबब बन सकता है। यहां सजना-संवरना सिर्फ निजी पसंद नहीं बल्कि राजनीति और विचारधारा से जुड़ा मामला है। हम बात कर रहे हैं उत्तर कोरिया की जहां सरकार की नज़र आपकी लिपस्टिक के शेड पर भी रहती है।
उत्तर कोरिया दुनिया के सबसे रहस्यमयी और सख्त देशों में से एक है। तानाशाह किम जोंग-उन के शासन में यहाँ नागरिकों की जीवनशैली पर कड़ा नियंत्रण है। उत्तर कोरियाई सरकार लाल लिपस्टिक को पश्चिमी संस्कृति और पूंजीवाद का हिस्सा मानती है। उनके अनुसार गहरे और भड़कीले रंग व्यक्तिवाद को बढ़ावा देते हैं जो उनकी सामूहिक सादगी वाली विचारधारा के खिलाफ है। राज्य की विचारधारा कहती है कि हर नागरिक को सादा जीवन जीना चाहिए और अपनी पूरी निष्ठा सरकार के प्रति रखनी चाहिए। ग्लैमरस दिखना राज्य के प्रति विद्रोह की तरह देखा जाता है। इन सख्त नियमों को लागू करने के लिए उत्तर कोरिया में विशेष निगरानी टीमें तैनात हैं जिन्हें स्थानीय लोग फैशन पुलिस कहते हैं।
1. क्या है अनुमति: महिलाओं को केवल स्थानीय स्तर पर बने हल्के और प्राकृतिक रंगों के मेकअप की ही अनुमति है।
2. विदेशी ब्रांड पर रोक: विदेशी कॉस्मेटिक्स या गहरे रंगों का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को सड़कों, कॉलेजों और सार्वजनिक जगहों पर रोका जाता है।
3. हेयरस्टाइल भी तय: आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां सिर्फ मेकअप ही नहीं बल्कि बालों को कटवाने के लिए भी सरकार द्वारा मंजूर किए गए स्टाइल में से ही चुनना पड़ता है।
अगर कोई महिला लाल लिपस्टिक लगाए हुए पकड़ी जाती है तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है:-
1. सार्वजनिक फटकार: उसे सबके सामने अपमानित किया जा सकता है।
2. जुर्माना और पूछताछ: उससे घंटों पूछताछ हो सकती है कि उसे यह मेकअप कहां से मिला।
3. सुधारात्मक श्रम: बार-बार नियम तोड़ने पर उसे लेबर कैंप में कठिन काम करने की सजा दी जा सकती है।
4. हिरासत: कुछ मामलों में अस्थायी तौर पर जेल भी भेजा जा सकता है।


