नई देलगी (नेहा): न्यूजीलैंड में धार्मिक सहिष्णुता और बहुसांस्कृतिक मूल्यों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सिख समुदाय की शांतिपूर्ण धार्मिक शोभायात्रा नगर कीर्तन को लगातार दूसरी बार दक्षिणपंथी समूह के विरोध का सामना करना पड़ा। यह घटना गुरु गोबिंद सिंह की जयंती के अवसर पर ताउरंगा शहर में सामने आई। 11 जनवरी को सुबह करीब 11 बजे नगर कीर्तन गुरुद्वारा सिख संगत से शुरू होकर कैमरन रोड होते हुए ताउरंगा बॉयज कॉलेज की ओर बढ़ रहा था।
इसी दौरान दक्षिणपंथी पेंटेकोस्टल नेता ब्रायन तमाकी और उनके डेस्टिनी चर्च समर्थक नगर कीर्तन के मार्ग में पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक माओरी हाका किया और “यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं” तथा “WHOSE STREETS? KIWI STREETS” जैसे नारे लिखे बैनर लहराए। हालांकि, न्यूजीलैंड पुलिस और सिख समुदाय के स्वयंसेवकों की सतर्कता के चलते स्थिति बिगड़ने से बच गई और नगर कीर्तन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

