ढाका (नेहा): बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग से जुड़े एक हिंदू नेता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई है, जिससे देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। मृतक की पहचान 60 वर्षीय प्रलय चकी के रूप में हुई है, जो अवामी लीग की पाबना जिला इकाई में सांस्कृतिक मामलों के सचिव थे और एक प्रसिद्ध गायक भी थे। प्रलय चकी की मौत रविवार रात राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई, जहां उन्हें जेल हिरासत में रहते हुए भर्ती कराया गया था।
चकी को 2024 के ‘भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन’ से जुड़े एक विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया गया था, जो आगे चलकर ‘जुलाई विद्रोह’ में तब्दील हुआ और शेख हसीना की सत्ता से विदाई का कारण बना। पाबना जेल अधीक्षक मोहम्मद ओमर फारूक ने बताया कि चकी लंबे समय से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से पीड़ित थे। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें पाबना सदर अस्पताल भेजा गया, जहां से हालत गंभीर होने पर शुक्रवार रात राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।
इलाज के दौरान ही रविवार रात उनकी मौत हो गई। हालांकि, प्रलय चकी के परिवार ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके बेटे सोनी चकी का कहना है कि उनके पिता को बिना नामजद किए गिरफ्तार किया गया और बाद में एक विस्फोट मामले में फंसाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में उनके पिता की तबीयत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन परिवार को समय पर सूचना नहीं दी गई और न ही उचित इलाज मिला।


