नई दिल्ली (नेहा): अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने बड़ा कदम उठाते हुए अपनी नौसैनिक ताकत को मिडिल ईस्ट की ओर भेजने का फैसला किया है। साउथ चाइना सी में तैनात एक कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को अब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के इलाके में भेजा जा रहा है। इस क्षेत्र में पूरा मिडिल ईस्ट भी शामिल है। इस कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ कई वॉरशिप भी शामिल हैं। पूरे बेड़े को मिडिल ईस्ट पहुंचने में करीब एक हफ्ता लगेगा।
USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप दुनिया के सबसे शक्तिशाली नौसैनिक युद्ध समूहों में गिना जाता है। यह न्यूक्लियर पावर से पर चलता है और 1 लाख टन से ज्यादा वजनी है। इस पर करीब 5 हजार सैनिक तैनात रहते हैं और 60 से 75 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर मौजूद होते हैं, जिनमें F/A-18 फाइटर जेट, रडार निगरानी विमान और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर एयरक्राफ्ट शामिल हैं। यह कैरियर अकेले ही एक छोटे देश की वायुसेना जितनी ताकत रखता है और महीनों तक बिना किसी जमीनी बेस के ऑपरेशन कर सकता है।


