नई दिल्ली (नेहा): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ‘जरूरी’ बताए जाने के बाद डेनमार्क ने आर्कटिक के इस रणनीतिक द्वीप पर अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करना शुरू कर दिया है। सोमवार शाम को बड़ी संख्या में डेनिश सैनिक ग्रीनलैंड पहुंचने वाले हैं, जो कोपेनहेगन की ओर से वाशिंगटन के बढ़ते दबाव के जवाब में एक साफ संकेत माना जा रहा है।
डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय ने सैनिक राजधानी नुउक के उत्तर में स्थित कंगेरलुसुआक में उतरेंगे। इस तैनाती को ‘महत्वपूर्ण योगदान’ करार दिया गया है और डेनिश सेना प्रमुख पीटर बॉयसेन भी इस दल के साथ यात्रा कर रहे हैं। इस नवीनतम सुदृढ़ीकरण से पहले ही लगभग 200 डेनिश सैनिकों के ग्रीनलैंड में तैनात होने की उम्मीद थी।
यह सैन्य तैनाती अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वाशिंगटन और कोपेनहेगन के बीच संबंध ‘अच्छे’ बने हुए हैं। गौरतलब है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क साम्राज्य के अंतर्गत एक स्वशासित क्षेत्र है, जहां रक्षा और विदेश नीति की जिम्मेदारी कोपेनहेगन के पास है।

