नई दिल्ली (नेहा): ईरान में तेजी से बिगड़ती स्थिति के बीच ऑस्ट्रेलिया ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सबसे सख्त चेतावनी जारी की है। स्मार्टट्रैवलर वेबसाइट पर सोमवार ( 12 जनवरी ) को अपडेटेड एडवाइजरी में कहा गया है कि ईरान की सुरक्षा स्थिति अत्यंत अस्थिर और खतरनाक है, जहां हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी हैं और स्थिति बिना किसी पूर्व सूचना के और बिगड़ सकती है। आगे कहा गया है कि हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानों के रद्द होने की संभावना है, जिससे बाद में निकलना लगभग असंभव हो जाएगा।
एडवाइजरी में कैनबरा ने स्पष्ट किया कि इस चेतावनी के बावजूद ईरान में रुकने वाले ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अपनी सुरक्षा के लिए खुद जिम्मेदार होंगे। विदेश विभाग ने ईरान की सुरक्षा स्थिति को ‘अत्यंत अस्थिर’ बताते हुए सलाह दी है कि लोग लंबे समय तक सुरक्षित जगह पर रहने के लिए तैयार रहें। उनके पास पर्याप्त पानी, भोजन और दवाइयों का स्टॉक होना चाहिए। अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो यात्रा में व्यवधान हो सकता है, जैसे बिना किसी अतिरिक्त सूचना के हवाई क्षेत्र बंद हो सकते हैं।
ये चेतावनी इसलिए आई है क्योंकि ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। शुरुआत बढ़ती कीमतों और आर्थिक संकट के खिलाफ हुई, जो बाद में इस्लामी गणराज्य के शासक धर्मगुरुओं के खिलाफ बड़े आंदोलन में बदल गई। प्रदर्शन अब कई शहरों में फैल चुके हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन तेहरान द्वारा सत्ता-विरोधी प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कार्रवाई के जवाब में ‘कुछ कड़े विकल्पों’ पर विचार कर रहा है, जिसमें संभावित सैन्य हस्तक्षेप भी शामिल है। ट्रंप ने बार-बार चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाते हैं, तो अमेरिका हमला करेगा।
वहीं, ईरान ने जवाब में कहा है कि किसी भी हमले का बदला अमेरिकी हितों और उसके करीबी सहयोगी इजरायल पर सैन्य हमलों से लिया जाएगा। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने कहा कि स्पष्ट कर दें… ईरान पर हमले की स्थिति में, कब्जे वाले क्षेत्र (इजरायल) के साथ-साथ सभी अमेरिकी अड्डे और जहाज हमारे वैध लक्ष्य होंगे।
गौरतलब है कि ईरान सरकार ने गुरुवार से प्रदर्शनों को दबाने के लिए व्यापक इंटरनेट प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार का दावा है कि ये प्रदर्शन इजरायल और अमेरिका के विदेशी हस्तक्षेप का नतीजा हैं। ईरान ने अब तक कोई आधिकारिक मौतों का आंकड़ा जारी नहीं किया है, लेकिन अमेरिका स्थित मानवाधिकार समूह HRANA ने 490 से अधिक प्रदर्शनकारियों और 48 सुरक्षाकर्मियों की मौत की पुष्टि की है, जबकि 10600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


