नई दिल्ली (नेहा): फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से में सोमवार तड़के ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। 350 से ज्यादा यात्रियों से भरी एक फेरी समुद्र में डूब गई। अब तक 244 लोगों को जिंदा बचा लिया गया है, जबकि 13 यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई लोग अब भी लापता हैं, जिन्हें ढूंढने के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। एमवी ट्रिशा कर्स्टिन 3 नाम की यह फेरी जाम्बोआंगा शहर से सुलु प्रांत के जोलो द्वीप की ओर जा रही थी।
जहाज पर कुल 332 यात्री और 27 क्रू मेंबर सवार थे। आधी रात के बाद अचानक जहाज में तकनीकी खराबी आ गई और कुछ ही देर में वह बेसिलन प्रांत के पास समुद्र में डूब गया। हैरानी की बात यह रही कि हादसे के वक्त मौसम बिल्कुल साफ था। न कोई तूफान था, न ऊंची लहरें। फेरी द्वीप से करीब दो किलोमीटर पहले ही पानी में समा गई। कई यात्री तैरते हुए पास के गांव तक पहुंचे, जहां स्थानीय मछुआरों और ग्रामीणों ने उन्हें बचाया। रेस्क्यू ऑपरेशन में कोस्ट गार्ड और नौसेना के जहाज, एक निगरानी विमान, वायुसेना का ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और दर्जनों मछली पकड़ने वाली नावें जुटी हैं। समुद्र में लगातार तलाश जारी है। कई लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया है।
बेसिलन प्रांत के गवर्नर मुजीव हातमान ने बताया कि तट पर लाए गए घायलों के लिए एंबुलेंस तैनात की गई हैं। कुछ शव भी बरामद किए गए हैं। सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि फेरी में तकनीकी खराबी कैसे आई और सुरक्षा मानकों में कोई चूक तो नहीं हुई। फिलीपींस में समुद्री हादसे आम माने जाते हैं। यहां हजारों द्वीप हैं और लोग रोजाना नावों और फेरियों से सफर करते हैं। पुराने जहाज, कमजोर रखरखाव, भीड़ और ढीले सुरक्षा नियम अक्सर बड़ी त्रासदी की वजह बनते हैं।


