नई दिल्ली (नेहा): ओडिशा का औद्योगिक शहर तालचेर एक बार फिर देश में सबसे अधिक प्रदूषित शहर के रूप में सामने आया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के ताजा आंकड़ों में तालचेर 355 एक्यूआई के साथ शीर्ष पर रहा, जो ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में आता है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सात दिनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण के कड़े आदेश लागू कर दिए हैं। जिलाधिश, अनुगुल की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, तालचेर नगरपालिका क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान स्टेज-II के तहत यह प्रतिबंध लागू किए गए हैं। आदेश का उद्देश्य वायु प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना और आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
1. नगरपालिका क्षेत्र में सभी निर्माण कार्य शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक प्रतिबंधित रहेंगे।
2. किसी भी प्रकार का ध्वस्तीकरण, मिट्टी खुदाई या धूल उत्पन्न करने वाला कार्य नहीं किया जाएगा।
3. प्रमुख सड़कों पर दिन में कम से कम तीन बार पानी का छिड़काव अनिवार्य किया गया है।
4. भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक रहेगी।
5. कोयला और राख ढोने वाले ट्रक केवल ढके हुए (तरपाल सहित) वाहनों में ही राष्ट्रीय राजमार्ग-149 से गुजर सकेंगे।
6. खुले में कचरा, कोयला या किसी भी प्रकार का ईंधन जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
एक्यूआई सूची में तालचेर के बाद अनुगुल 329 एक्यूआई के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा बरीपदा (324), कटक (304) और भुवनेश्वर (302) भी अत्यंत खराब वायु गुणवत्ता की श्रेणी में दर्ज किए गए हैं। लगातार खराब होती हवा ने शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।


