नई दिल्ली (नेहा): संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के न्योते को स्वीकार कर लिया है। वे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होंगे। यह बोर्ड गाजा में युद्ध के बाद पुनर्निर्माण और स्थिरता की देखरेख करेगा। यूएई विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। यह कदम ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना का अहम हिस्सा है। इसके तहत गाजा संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने का लक्ष्य रखती है।
यह बोर्ड ट्रंप की अध्यक्षता में बनेगा और शुरुआत में गाजा पर फोकस करेगा, लेकिन इसका दायरा इससे आगे भी जा सकता है। कई देशों को इसमें शामिल होने का न्योता दिया गया है। यूएई इस बोर्ड में शामिल होने वाला पहला प्रमुख अरब देश बन गया है। यूएई के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद ने कहा कि यह फैसला ट्रंप की 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना को पूरी तरह लागू करने की अहमियत को दिखाता है।
उन्होंने जोर दिया कि यह योजना फिलिस्तीनी लोगों के वैध अधिकारों को हासिल करने के लिए बेहद जरूरी है। यूएई ने बोर्ड के मिशन में सक्रिय योगदान देने की बात कही है, ताकि सहयोग, स्थिरता और समृद्धि बढ़े। यूएई ट्रंप प्रशासन के साथ मजबूत संबंध रखता है। 2020 में ट्रंप के पहले कार्यकाल में ही अबू धाबी ने अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इससे इजराइल के साथ उसके औपचारिक संबंध बने। यह कदम उस दोस्ती को और मजबूत करता है।

