इस्लामाबाद (नेहा): पाकिस्तान को एक साल पहले 2 अरब डॉलर की भीख देने वाले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस्लामाबाद के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। यूएई ने पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा जारी करना पूरी तरह बंद कर दिया है। यह खुलासा गुरुवार को यूएई के गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संसद की एक समिति के सामने किया।
यूएई के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी पासपोर्ट पर खाड़ी देशों द्वारा पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी थी, लेकिन पाकिस्तान इससे बाल-बाल बच गया। सीनेट की मानवाधिकार मामलों की फंक्शनल कमेटी की बैठक में अतिरिक्त गृह सचिव सलमान चौधरी ने कहा, “सऊदी अरब और यूएई ने पाकिस्तानी पासपोर्ट पर बैन लगाने से फिलहाल इंकार कर दिया है, लेकिन अगर बैन लग जाता तो उसे हटवाना बहुत मुश्किल होता।”उन्होंने बताया कि इस समय यूएई केवल नीले (आधिकारिक) पासपोर्ट और कूटनीतिक पासपोर्ट धारकों को ही वीजा दे रहा है। आम हरे (सामान्य) पासपोर्ट वाले पाकिस्तानियों को वीजा नहीं मिल रहा।कमेटी की अध्यक्ष सीनेटर समीना मुमताज़ ज़हरी ने भी इसकी पुष्टि की।
समीना ने कहा, “वीजा रोकने की वजह यह है कि कुछ पाकिस्तानी यूएई जाकर आपराधिक गतिविधियों और भीख मांगने में शामिल हो जाते हैं।” उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में बहुत मुश्किल से कुछेक वीजा जारी हुए हैं।हालांकि, इसी दिन वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगज़ेब के साथ बैठक में यूएई के राजदूत सलेम एम. सलेम अल बवाब अल ज़ाबी ने “पाकिस्तानियों के लिए बड़े वीजा सुधारों” की जानकारी दी। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इन सुधारों में ऑनलाइन वीजा प्रोसेसिंग, बिना पासपोर्ट स्टैंपिंग के ई-वीजा और तेज़ सिस्टम-टू-सिस्टम लिंकेज शामिल हैं। नए यूएई वीजा सेंटर में रोज़ाना करीब 500 वीजा प्रोसेस हो रहे हैं।
पाकिस्तानी लोग यूएई में जागर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। इसलिए सऊदी अरब ने यह कार्रवाई की है। इससे पहले जुलाई 2025 की शुरुआत में पाकिस्तानियों के वीजा अचानक रोक दिए गए थे। इसके बाद पाक गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने 11 जुलाई को यूएई के समकक्ष से मुलाकात कर वीजा नीति में छूट की मांग की थी। अप्रैल 2025 में यूएई राजदूत ने ऐलान किया था कि समस्या हल हो गई है और अब पाकिस्तानियों को 5 साल का वीजा मिल सकता है।
जनवरी 2025 में विदेशी पाकिस्तानियों संबंधी सीनेट कमेटी को बताया गया था कि “वीज़िट वीजा” पर जाने वाले कुछ पाकिस्तानी यूएई में भीख मांगते पकड़े गए थे, जिसके बाद अनौपचारिक रोक लगी थी। यूएई, पाकिस्तान का मध्य पूर्व में सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और वहां लाखों पाकिस्तानी काम करते हैं, जिनसे अरबों डॉलर का रेमिटेंस आता है। इसके बावजूद वीजा संकट गहराता जा रहा है। इससे पहले यूएई ने पाकिस्तान की कंगाली में 2 अरब डॉलर की मदद की थी।


