नई दिल्ली (नेहा): अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर सीरिया में इस्लामिक स्टेट यानी आईएस के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। ये हमले दिसंबर 2025 में पलमायरा इलाके में हुए एक हमले का बदला हैं, जिसमें 3 अमेरिकी नागरिक मारे गए थे। इसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक था जो इंटरप्रेटर का काम करता था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ये हमले ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक के तहत किए गए। यह ऑपरेशन दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था और अब भी जारी है। सेंटकॉम ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘हमारा संदेश साफ है- अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम आपको दुनिया में कहीं भी ढूंढकर मार डालेंगे।’
हमले के लिए अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने 20 से ज्यादा विमानों का इस्तेमाल किया, जिसमें एफ-15 और ए-10 जेट, एसी-130 गनशिप, एमक्यू-9 ड्रोन और जॉर्डन के एफ-16 फाइटर जेट शामिल थे। 90 से ज्यादा सटीक हथियारों से 35 से ज्यादा आईएस के ठिकानों पर हमला किया गया। ठिकाने पूरे सीरिया में फैले हुए थे, लेकिन सैन्य अधिकारियों ने अभी तक सटीक जगह या हताहतों की संख्या नहीं बताई है।


