नई दिल्ली (नेहा): पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती आने वाले समय में चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने खुद इस बात एलान किया है। उन्होंने कहा कि वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। वहीं, कांग्रेस के दिग्गज नेता जीतू पटवारी को लेकर उन्होंने कुछ ऐसा कहा, जो शायद कांग्रेस नेता को रास ना आए। दरअसल, बीजेपी नेता उमा भारती ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि वह चुनाव लड़ान पसंद करेंगी। उन्होंने कहा कि वह तो अभी 65 साल की भी नहीं हुई हैं। भारती का कहना है कि मैं तब लड़ूंगी जब मुझे लगेगा कि मैं इसके लिए तैयार हूं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस समय चुनाव लड़ना एक बाधा होगी।
उमा भारती ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ साक्षात्कार में बताया कि मैं चुनाव लड़ना चाहती हूं। उन्होंने आगे कहा कि अभी, यह एक बाधा होगी। मेरी एक कमजोरी है। मैं अपनी प्रतिबद्धता के प्रति बहुत ही ईमानदार हूं। इसलिए, अगर मैं किसी संसदीय सीट से लड़ती हूं, तो मेरा पूरा समय और ध्यान लोगों के लिए समर्पित होगा, यह सुनिश्चित करते हुए कि उन्हें कोई समस्या न हो। और अगर कुछ हुआ, तो मैं खुद को ज़िम्मेदार मानूँगी और खुद को दोषी मानूंगी।
उमा भारती ने अपने साक्षात्कार के दौरान कहा कि मैं स्पष्ट लक्ष्यों और दृढ़ संकल्प वाली व्यक्ति हूं। अगर चुनाव लड़ने से यह लक्ष्य पूरा होता है, तो मैं लड़ूंगी; अगर नहीं, तो नहीं। उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने आप में बहुत शक्तिशाली हूं। सत्ता हासिल करने के लिए मुझे किसी वस्तु की ज़रूरत नहीं है; मैं खुद एक शक्तिशाली वस्तु हूं। कुछ लोग बिना शक्ति के भी शक्तिशाली होते हैं, और मेरे पास जनता की शक्ति है। जनता ने मुझे साहस दिया है, और वह साहस मेरे लिए बहुत उपयोगी है।
इस साक्षात्कार के दौरान उमा भारती ने जीतू पटवारी पर कटाक्ष भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अक्सर गैरजिम्मेदाराना तरीके से टिप्पणी करते हैं। वहीं, जीतू पटवारी की मध्य प्रदेश में महिलाएं अधिक शराब पीती हैं वाले बयान पर उमा भारती ने कहा कि मुझे लगता है कि उन्हें ( जीतू पटवारी ) पता नहीं है कि वे क्या बोल रहे हैं। हमारे इलाके में एक बड़ा आदिवासी इलाका है, जहां शराब पीने वाले महिलाओं और पुरुषों में कोई भेदभाव नहीं है, बल्कि वे जो पीते हैं वह ऑर्गेनिक होता है, महुआ के फल से बनता है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि उसमें मिलावट है या नहीं, लेकिन वे स्वस्थ होते हैं । सबसे बड़ी बात यह है कि कोई भी आदिवासी शराब पीने के बाद कोई अनैतिक काम नहीं करता , किसी लड़की को परेशान नहीं करता या कोई हिंसा नहीं करता।