मनाली (नेहा): पर्यटन नगरी से सटे 14 गांव मकर संक्रांति से कड़े देव नियमों में बंध जाएंगे। अगले 42 दिन तक होटलों में डीजे बजाने पर प्रतिबंध रहेगा तो घरों में टीवी तक नहीं लगेंगे। जोर से चिल्लाना, सीटी बजाना वर्जित रहेगा। यहां तक की गाड़ियों में हॉर्न भी नहीं बजाने की अपील की गई है। दरअसल, मनाली के कई गांवों में मकर संक्रांति के बाद ग्रामीण कड़े देव नियमों में बंधने जा रहे हैं। सिमसा में देवता कार्तिक स्वामी के मंदिर का कपाट संक्रांति पर बंद हो जाएगा।
गौशाल गांव में कंचन नाग, व्यास ऋषि और गौतम ऋषि का मंदिर विधिवत पूजा के बाद बंद किया जाएगा। सिमसा और इसके साथ लगते पांच गांवों में एक महीने जबकि गौशाल और आसपास के नौ गांवों में लोग देवता के नियमों का पालन करेंगे। नौ गांवों में कृषि कार्य और गोशाला से गोबर निकालने पर भी प्रतिबंध रहेगा। 42 दिन बाद मंदिर के कपाट खुलेंगे, तब तक ग्रामीण देव आदेश का पालन करेंगे।
मान्यता है कि गांव के आराध्य देव 14 जनवरी से तपस्या में लीन हो जाएंगे। मकर संक्रांति पर देवता की मूर्ति पर कपड़े से छानी गई मिट्टी का लेप लगाया जाएगा। विधिवत पूजा के बाद कपाट को बंद किया जाएगा। इस अवधि के दौरान देवताओं को शांत वातावरण मिले, इसके लिए ग्रामीण गांव में रेडियो व टीवी नहीं चलाएंगे और न ही खेतों का रुख करेंगे। खेतों में खोदाई से संबंधित कार्य नहीं होंगे। ऊझी घाटी के गोशाल गांव सहित कोठी, सोलंग, पलचान, रुआड़, कुलंग, शनाग, बुरुआ तथा मझाच गांवों में व्यापक प्रतिबंध रहेगा।
देवता के कारदार हरि सिंह ने कहा कि घाटी के नौ गांवों के लोग 14 जनवरी से देव प्रतिबंध में बंध जाएंगे। इस दौरान लोगों को देव आदेश का पालन करना होगा। उधर, देव सेनापति कार्तिक स्वामी के सिमसा स्थित मंदिर के कपाट भी मकर संक्रांति पर बंद होने पर 12 फरवरी तक सिमसा, कन्याल, छियाल, मढ़ी, रांगडी में किसी भी तरह का शोर, ऊंची आवाज में गाना बजाना, डीजे व मिट्टी खोदाई पर प्रतिबंध रहेगा।
पुजारी मकरध्वज शर्मा ने बताया कि गौशाल में आराध्य देवों के सम्मान में 26 फरवरी को फागली उत्सव का आयोजन होगा। देवता स्वर्ग प्रवास से लौटते ही भविष्य में होने वाली सालभर की घटनाओं के बारे भी भविष्यवाणी करेंगे। मंदिर के अंदर हुए लेप को निकाला जाएगा। इसमें कुमकुम, सेब के पेड़ों के पत्ते, अनाज के दाने आदि निकलेंगे। इसके आधार पर सालभर की भविष्यवाणी होगी जबकि सिमसा में देवता कार्तिक स्वामी अपने गुरु के माध्यम से 12 फरवरी को फागली पर्व पर भविष्यवाणी करेंगे।


