नई दिल्ली (नेहा): 23 जनवरी यानी आज बसंत पंचमी का पर्व पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन मां सरस्वती को समर्पित होता है, जिन्हें विद्या, बुद्धि और वाणी की देवी माना जाता है। इस दिन लोग ज्ञान, शिक्षा और कला में सफलता की कामना से मां सरस्वती की पूजा करते हैं। खासतौर पर छात्रों, शिक्षकों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इसी दिन से ऋतुओं में बदलाव शुरू होता है और बसंत ऋतु का आगमन होता है। यही कारण है कि यह दिन पीले रंग की खुशी, ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की सच्चे मन से पूजा करने से पढ़ाई में मन लगता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
बसंत पंचमी के दिन पूजा के लिए सुबह का समय सबसे उत्तम माना जाता है। सूर्योदय के बाद से दोपहर तक मां सरस्वती की आराधना करना शुभ फल देता है। इस दौरान मन शांत रहता है और पूजा का पूरा लाभ मिलता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी की तिथि आज अर्धरात्रि में 2 बजकर 28 मिनट पर शुरू हो चुकी है और तिथि का समापन 24 जनवरी, शनिवार की रात 1 बजकर 46 मिनट पर होगा। बसंत पंचमी पर आज सरस्वती माता का पूजन मुहूर्त सुबह 7 बजकर 13 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।


