नई दिल्ली (नेहा): अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने अपने मरीज सेवा नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल ऑनलाइन अपॉइंटमेंट वाले मरीज और दूसरे अस्पतालों से रेफर होकर आने वाले गंभीर मामले ही प्राथमिकता में रहेंगे। AIIMS के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने स्पष्ट किया कि यह अस्पताल सामान्य बीमारियों जैसे खांसी-जुकाम या हल्के संक्रमण के इलाज के लिए नहीं बना है। यह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल है, जहां गंभीर और जटिल मामलों का इलाज होता है। ऐसे में बाकी अन्य मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
डॉ. श्रीनिवास के अनुसार, AIIMS में हर साल करीब 50 लाख मरीज ओपीडी में आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में सीमित संसाधनों के कारण अस्पताल ने ये कदम उठाया है। उनका कहना है कि सामान्य बीमारियों के लिए लोग स्थानीय अस्पताल या क्लिनिक का सहारा लें। नए नियमों के तहत, बिना अपॉइंटमेंट आए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं, दूसरे अस्पतालों से रेफर हुए मरीजों को खास प्राथमिकता इसलिए दी जा रही है क्योंकि ये ऐसे मामले हैं जिनका इलाज सामान्य अस्पतालों में कठिन होता है।
डॉ. श्रीनिवास ने कहा, “एम्स की असली जिम्मेदारी जटिल और गंभीर मामलों का इलाज करना है।” AIIMS प्रशासन ने मरीजों से अनुरोध किया है कि ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेकर ही आएं। इससे अस्पताल में भीड़ कम होगी और गंभीर मामलों वाले मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा। मरीज ors.gov.in वेबसाइट पर जाएं और नीले रंग में दिख रहे “बुक अपॉइंटमेंट” बटन पर क्लिक करें। सभी जरूरी जानकारी भरें और यदि मामला गंभीर है तो रेफरल लेटर साथ लाना न भूलें।


