नई दिल्ली (नेहा): देश के लिए 2026 भी चुनावी साल रहने वाला है क्योंकि पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल, असम के साथ दक्षिण भारत के पुदुचेरी, तमिलनाडु और केरल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। केरल को छोड़कर चार राज्यों में मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। राजनेताओं की बयानबाजी और योजनाओं की भरमार के कारण इन राज्यों में चुनावी माहौल बन चुका है। यह चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण है, क्योंकि चुनाव आयोग की तरफ से वोटर लिस्ट विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद वोटिंग होगी।
बिहार में SIR के बाद हुए चुनाव में एनडीए गठबंधन को जीत और महागठबंधन को हार मिली। अब पश्चिम बंगाल और असम की बारी है, जहां SIR बड़ा मुद्दा है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी डेढ़ दशक से सत्ता में है, जबकि असम में बीजेपी भी लगातार दो बार सरकार बना चुकी है। तमिलनाडु में भी डीएमके के नेता स्टालिन की परीक्षा होनी है। केरल में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल करने वाले वाम मोर्चा के सामने भी यूडीएफ चुनौती है। केरल में पिनराई विजयन अगर तीसरी बार सफल होते हैं तो रेकॉर्ड बन जाएगा।


