नई दिल्ली (नेहा): चारधाम यात्रा के दौरान मंदिरों की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक अहम और दूरदर्शी कदम उठाया है। रील और ब्लॉग बनाने के नाम पर धार्मिक स्थलों में बढ़ते विवादों को देखते हुए इस वर्ष बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ अनावश्यक विवादों पर लगाम लगेगी, बल्कि श्रद्धालु भी पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ दर्शन कर सकेंगे।
चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। बैठक में गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप सहित विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि बीते कुछ वर्षों में मोबाइल से रील और ब्लॉग बनाने के दौरान कई बार विवाद की स्थिति सामने आई है, जिससे धामों की गरिमा प्रभावित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बदरीनाथ में सिंहद्वार से आगे मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. वहीं केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम परिसरों में भी श्रद्धालु मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और संबंधित जिला प्रशासन धामों से पहले श्रद्धालुओं के मोबाइल सुरक्षित रखने के लिए उचित व्यवस्था करेगा।
प्रशासन का यह निर्णय यह संदेश देता है कि सरकार केवल व्यवस्थाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आस्था स्थलों की पवित्रता और धार्मिक अनुशासन को लेकर भी गंभीर है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की यह पहल संतुलित मानी जा रही है, जिसमें आस्था और व्यवस्था दोनों का ध्यान रखा गया है।


