नई दिल्ली (नेहा): भारतीय सशस्त्र सेना के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ( DRDO ) ने बहुत ही राहत भरी खबर दी है। डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. समीर वी कामत ने रविवार को बेंगलुरू में तेजस मार्क-II और एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट दोनों ही महत्वाकांक्षी स्वदेशी रक्षा प्रोजेक्ट पर बहुत ही बड़ा अपडेट दिया है। डीआरडीओ ने इन दोनों नई पीढ़ी के प्लेटफॉर्म के तैयार होने और इनकी पहली उड़ान का शेड्यूल बता दिया है। भारतीय वायुसेना (IAF) बहुत ही बेसब्री से दोनों ही एडवांस स्वदेशी फाइटर जेट का इंतजार कर रही है।
डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ.समीर वी कामत ने कहा है कि भारत का स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) साल 2028 के आखिर तक तैयार हो जाएगा और 2029 के शुरुआत में ही इसकी पहली उड़ान की योजना है। जबकि, स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस मार्क-II तो इसी साल जून तक पहली उड़ान भर लेगा। कामत ने बेंगलुरु में एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) की ओर से आयोजित तेजस-25 नेशनल सेमीनार के मौके पर मीडिया को यह जानकारी दी।
डीआरडीओ चेयरमैन का कहना है,’एलसीए की हमारी यात्रा शानदार रही। अब यह विमान शामिल हो चुका है। अब हमारा फोकस मार्क-II और एएमसीए है…दोनों ही प्रोग्राम अब शेड्यूल पर हैं, और हमें एयर फोर्स से किए गए वादे को डिलीवर करने की उम्मीद है…।’ उन्होंने बताया कि तेजस मार्क-II तो एलसीए का ही अगला वर्जन है,जिसमें मार्क-I के मुकाबले कई प्रमुख तकनीकी बदलाव होंगे, कई तरह के एडवांस फीचर लगेंगे। वहीं उन्होंने स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट के बारे में बताया, ‘एएमसीए में कई नई टेक्नोलॉजी होगी, क्योंकि यह पांचवीं पीढ़ी का विमान है, यह एक स्टील्थ विमान है, इसलिए एएमसीए के साथ कई तरह की नई टेक्नोलॉजी आएगी।’ यह 2029 की शुरुआत में पहली उड़ान भरने वाला है।
डीआरडीओ के दोनों ही प्रोग्राम समय पर चल रहे हैं, दोनों के ही प्रोटोटाइप बन रहे हैं। तेजस मार्क-II की डिजाइन पहले वाले वर्जन के मुकाबले ज्यादा एडवांस है, इसकी रेंज ज्यादा होगी, पेलोड की क्षमता बेहतर होगी और यह मल्टीरोल क्षमता से लैस 4.5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान होगा। इसमें एडवांस एवियोनिक्स और वेपन सिस्टम होंगे, जिससे भारत को डिफेंस एविएशन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिलेगी और बुजुर्ग हो रहे फाइटर जेट को आराम देने का अवसर मिलेगा।
एएमसीए भारत की अगली पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट प्रोजेक्ट है। इसमें स्टील्थ टेक्नोलोजी है, जो दुनिया के चुनिंदा देशों के ही पास हैं। दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसकी भनक तक लगा पाना नामुमकिन होगा। साथ ही यह सुपरक्रूज और एडवांस एवियोनिक्स टेक्नोलॉजी से भी लैस रहने वाला है। इस मौके पर भारतीय वायु सेना के एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने भी दोनों महत्वाकांक्षी नेक्स्ट-जेनरेशन फाइटर प्रोग्राम, तेजस मार्क II और एएमसीए को ऐसा मील का पत्थर बताया, जो देश की पिछली उपलब्धियों को आगे लेकर जाएंगे और नई टेक्नोलॉजी को शामिल करेंगे।


