नई दिल्ली (नेहा): नए साल की तैयारियों के बीच सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर कुछ मैसेज तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि 1 जनवरी 2026 से Google Pay, PhonePe जैसे UPI ऐप्स पर लिमिट लग जाएगी या फिर UPI काम करना बंद कर देगा। इन मैसेजों ने कई लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे पहले उस अफवाह की बात करें जिसमें कहा जा रहा है कि Google Pay और PhonePe पर लिमिट लगेगी और यूजर्स को नया ऐप डाउनलोड करना पड़ेगा। यह दावा पूरी तरह गलत है। दरअसल, NPCI ने पहले यूपीआई मार्केट में किसी एक ऐप के वर्चस्व को रोकने के लिए 30 प्रतिशत मार्केट कैप का नियम प्रस्तावित किया था लेकिन करोड़ों यूजर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसकी समय-सीमा बढ़ा दी गई है।
नई डेडलाइन अब 31 दिसंबर 2026 तय की गई है। इसका मतलब साफ है कि अगले पूरे एक साल तक यूजर्स बिना किसी परेशानी के Google Pay, PhonePe या Paytm का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक और दावा यह किया जा रहा है कि अगर एक साल तक कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया गया तो UPI ID बंद हो जाएगी। सच्चाई यह है कि यह नियम कोई नया नहीं है और इसे 2023 में ही लागू किया गया था। इसका उद्देश्य उन UPI IDs को निष्क्रिय करना है जो ऐसे मोबाइल नंबर से जुड़ी हैं जो अब उपयोग में नहीं हैं।
यदि किसी यूजर का मोबाइल नंबर बदल चुका है और लंबे समय से ट्रांजेक्शन नहीं हुआ है, तभी सुरक्षा कारणों से UPI ID डिएक्टिव की जा सकती है। आमतौर पर बैंक या ऐप पहले इसकी सूचना भी देता है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा है कि अगर 31 दिसंबर तक PAN-आधार लिंक नहीं किया गया तो बैंक खाता फ्रीज हो जाएगा और UPI बंद हो जाएगा। यह दावा भी भ्रामक है। PAN लिंक न होने की स्थिति में PAN इनऑपरेटिव जरूर हो सकता है, जिससे TDS ज्यादा कटेगा और टैक्स रिफंड में दिक्कत आ सकती है, लेकिन UPI सेवाओं पर इसका सीधा असर नहीं पड़ता। UPI बैंक अकाउंट से जुड़ा होता है, PAN से नहीं। इसलिए बैंकिंग सेवाएं और डिजिटल पेमेंट सामान्य रूप से चलते रहेंगे।


