नई दिल्ली (नेहा): दिल्ली के चिड़ियाघर में H5N1 फ्लू फैल गया है, जिसके बाद प्रशासन ने आज से अनिश्चितकाल तक के लिए जू को बंद रखने का आदेश दिया है। दिल्ली में तीसरी बार बर्ड फ्लू फैला है। इससे पहले साल 2016 के अक्टूबर में चिड़ियाघर को बंद किया गया था। उस साल 70 से अधिक पक्षियों की मौत हो गई थी। इस साल दिल्ली के चिड़ियाघर में अबतक 1 पक्षी जांघिल की मौत की पुष्टि हुई है। दरअसल, इस बर्ड के मरने के बाद इसे जांच के लिए भोपाल भेजा गया था, जहां पता चला की पक्षी संक्रमित था। इसके बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
चिड़ियाघर बंद करने के आदेश पर प्रशासन का कहना है कि ये वायरस 21 दिनों तक एक्टिव रहता है और दूसरे जानवरों को संक्रमित कर सकता है। इसलिए, कम से कम 21 दिनों का क्वारंटीन जरूरी है। निगरानी बढ़ाई गई है और सभी प्रवासी पक्षियों को अलग-अलग रखा जाएगा। इसके अलावा, चिड़ियाघर में बाघ और शेर के बच्चों का भी विशेष रूप से ध्यान रखा जा रहा है क्योंकि कुछ समय पहले ही दिल्ली के चिड़ियाघर में बंगाल टाइगर के बच्चों की इंफेक्शन से मौत हुई थी। फिलहाल, चिड़ियाघर में तकरीबन 1,350 पक्षियों पर निगरानी की जा रही है।
दिल्ली एम्स सामुदायिक चिकित्सा केंद्र के प्रोफसर संजय राय बताते हैं कि इंसानों को सीधे तौर पर इस वायरस का खतरा नहीं है। पक्षियों से इंसानों में बीमारी नहीं फैलती है, मगर जो लोग पोल्ट्री फार्म्स में काम करते हैं, उन्हें इस बीमारी का खतरा बढ़ता है।