कानपुर (नेहा): उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। जाजमऊ इलाके के पास गंगा तट पर एक विशालकाय गंगा डॉल्फिन मृत अवस्था में मिली है। करीब 5 फीट लंबी इस डॉल्फिन के मिलने से पर्यावरणविदों और स्थानीय प्रशासन में चिंता बढ़ गई है क्योंकि गंगा में डॉल्फिन की मौजूदगी नदी के साफ पानी और बेहतर स्वास्थ्य का संकेत मानी जाती है।
रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने देखा कि एक बड़ी मछली पानी के बहाव के साथ बहकर किनारे पर आकर फंस गई है। पास जाकर देखने पर पता चला कि यह दुर्लभ गंगा डॉल्फिन है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक डॉल्फिन का मुंह खुला हुआ था लेकिन उसके शरीर पर चोट का कोई बाहरी निशान नजर नहीं आ रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय मछुआरों की मदद से भारी मशक्कत के बाद डॉल्फिन को पानी से बाहर निकालकर रेत पर सुरक्षित रखवाया।
चूंकि डॉल्फिन के शरीर पर कोई स्पष्ट घाव नहीं है इसलिए इसकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञ प्रदूषण, पानी के ऑक्सीजन स्तर में कमी या किसी अंदरूनी बीमारी को मौत की वजह मान रहे हैं। वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में ले लिया है। डॉल्फिन का पोस्टमार्टम कराया जाएगा जिसकी रिपोर्ट से ही साफ होगा कि इस जलीय जीव की जान कैसे गई।


