नई दिल्ली (नेहा): भारतीय सेना समर्पण, संकल्प, बहादुरी और बलिदान का प्रतीक है। हर साल भारतीय सेना दिवस 15 जनवरी को मनाया जाता है, जोकि ऐतिहासिक घटना से जुड़ा है। इस दिन सभी देशवासी भारतीय सेना के सेवाभाव और समर्पण को नमन करते हैं। यह दिन भारतीय सेना के सम्मान का है लेकिन बहुत कम लोग इसके गठन के पीछे की कहानी जानते हैं। देश की आजादी से पहले ही भारतीय सेना खड़ी हो गई थी। लगभग 52 साल पहले 1895 में इसकी शुरुआत प्रेसीडेंसी आर्मी के रूप में हुई थी। यहां विस्तार से जानते हैं भारतीय सेना का इतिहास और महत्वपूर्ण बातें, जो हर भारतवासी को देशभक्ति और बहादुरी से भर देंगी।
dprcg.gov.in और nios.ac.in के अनुसार, भारतीय सेना की शुरुआत ईस्ट इंडिया कंपनी की सेनाओं से हुई थी। आजादी से लगभग 52 साल पहले 1 अप्रैल 1895 में आधुनिक भारतीय सेना की शुरुआत हुई थी। उस समय ब्रिटिश कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी ने इसे प्रेसिडेंसी आर्मी के रूप में खड़ा किया था।
इसकी कमान ब्रिटिश अधिकारियों के पास थी। भारतीय सेना के लिए बैरक अलग थे और वे ब्रिटिश लोगों के साथ घुलते-मिलते नहीं थे। ब्रिटिश भारतीय सेना में ज्यादातर अधिकारी ब्रिटिश थे। हालांकि, ब्रिटिश भारतीय सेना में वायसराय कमीशंड ऑफिसर (VCOs) थे जो भारतीय थे। 1930 में भारतीयकरण की एक प्रक्रिया शुरू हुई थी और इसका उद्देश्य धीरे-धीरे ब्रिटिश अधिकारियों की जगह भारतीय अधिकारियों को लाना था।


