नई दिल्ली (नेहा): महाराष्ट्र में महानगर पालिका चुनावों में अभी मतदान की तारीख कुछ दूर है, लेकिन कई सीटों पर निर्विरोध उम्मीदवार चुने गए हैं। अब इन उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत को लेकर सवाल उठने लगे हैं, जिसके बाद राज्य चुनाव आयोग ने इस मामले में कुछ सीटों पर जांच के आदेश दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। चुनाव आयोग जांच के जरिए पता लगाएगा कि आखिर क्या दबाव या लालच के काण कुछ उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस लिए थे।
महाराष्ट्र में महानगर पालिका चुनावों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप और चुनावी प्रचार के बीच इन चुनावों में महायुति गठबंधन के 64 उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की है। मतदान में अभी वक्त है और ऐसे में महायुति के एक साथ इतने उम्मीदवारों के निर्विरोध जीतने पर सवाल उठ रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस प्री-पोल जीत में बीजेपी सबसे आगे निकल गई है। महायुति के निर्विरोध जीते कुल 68 उम्मीदवारों में से सबसे ज्यादा भाजपा के 43, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 19 और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 2 उम्मीदवार शामिल हैं। बीजेपी के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी कल्याण-डोंबिवली से आई है। यहां पार्टी के 14 नगरसेवक निर्विरोध चुन लिए गए हैं, जिसने यह साफ कर दिया है कि इस क्षेत्र में महायुति की पकड़ कितनी मजबूत है।


