प्रयागराज (नेहा): आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नगीना से सांसद चंद्रशेखर को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने वर्ष 2017 में सहारनपुर में हुई हिंसा मामले में आपराधिक केस कार्यवाही रद करने की मांग वाली चंद्रशेखर की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 27 नवंबर को आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे बुधवार को सुनाया गया।सहारनपुर कोतवाली देहात में सुधीर कुमार गुप्ता ने चंद्रशेखर आजाद व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आइपीसी की धारा 147,148, 149, 435 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन से अधिक चार्जशीट पुलिस ने दाखिल की है। विशेष न्यायाधीश/एडीजे एमपी-एमएलए कोर्ट सहारनपुर में ट्रायल चल रहा है।
कोर्ट ने कहा कि ट्रायल परीक्षण के इस चरण में इन मामलों की कार्यवाही को रद करने और संबंधित आरोप पत्रों को पहली एफआइआर के पूरक आरोप पत्र के रूप में मानने के लिए इस कोर्ट की अंतर्निहित शक्ति का उपयोग करना उचित नहीं है। याची की तरफ से तर्क दिया गया था कि घटनाएं एक जैसी हैं तो दूसरी एफआइआर कानून का दुरुपयोग है। इस पर कोर्ट ने कहा कि भले ही घटना एक जैसी हो, घटना स्थल अलग है तो दूसरी एफआइआर दर्ज हो सकती है। साथ ही पुलिस पूरक चार्जशीट भी दाखिल कर सकती है। चंद्रशेखर और उनके समर्थकों पर चक्काजाम, तोड़-फोड़, पुलिस चौकी फूंकने जैसे गंभीर आरोप की घटनाओं को लेकर एफआइआर दर्ज की गई है। दो याचिकाएं दायर की थीं, दोनों खारिज कर दी गई हैं।


