सिडनी (नेहा): मीडिया के बढ़ते प्रभाव और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले उसके असर के मद्देनजर एक बड़े वैश्विक बदलाव के संकेत के रूप में आस्ट्रेलिया के बाद अब फ्रांस की नेशनल असेंबली ने भी एक ऐतिहासिक विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंटरनेट मीडिया के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोमवार देर रात हुए मतदान में इस विधेयक को 130-21 के भारी अंतर से पारित किया गया। यह कानून न केवल इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म्स को विनियमित करेगा, बल्कि हाई स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक लगाएगा।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस कानून को ‘फास्ट-ट्रैक’ करने का अनुरोध किया है, ताकि इसे सितंबर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से लागू किया जा सके। मैक्रों ने इस फैसले का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा, ‘हमारे बच्चों के दिमाग बिक्री के लिए नहीं हैं – न तो अमेरिकी प्लेटफार्म्स के लिए और न ही चीनी नेटवर्क के लिए। उनके सपने एल्गोरिदम द्वारा तय नहीं होने चाहिए।’ क्यों पड़ी इस सख्त कानून की जरूरत? 12 से 17 वर्ष की आयु के लगभग 90 प्रतिशत बच्चे रोजाना इंटरनेट का उपयोग करते हैं। इनमें से 58 प्रतिशत किशोर इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय हैं। औसतन हर दूसरा किशोर दिन में दो से पांच घंटे स्मार्टफोन पर बिता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट मीडिया के अत्यधिक उपयोग से किशोरों में आत्म-सम्मान की कमी, अवसाद और आत्मघाती प्रवृत्तियों में वृद्धि हुई है।
फ्रांस में कई परिवारों ने ‘टिकटाक’ जैसे प्लेटफार्म्स पर मुकदमा भी दायर किया है, जिसमें दावा किया गया है कि उनके बच्चों की आत्महत्या के पीछे प्लेटफार्म का हानिकारक कंटेंट जिम्मेदार था। यूरोप और दुनिया में बढ़ता रुझान यह विधेयक यूरोपीय संघ के ‘डिजिटल सेवा अधिनियम’ के अनुरूप तैयार किया गया है। वर्तमान में पूरे यूरोप में नाबालिगों की आनलाइन सुरक्षा के लिए न्यूनतम आयु 16 वर्ष करने पर विचार चल रहा है। ब्रिटिश सरकार भी किशोरों को हानिकारक कंटेंट और अत्यधिक स्क्रीन टाइम से बचाने के लिए इंटरनेट मीडिया प्रतिबंध पर विचार कर रही है।
आस्ट्रेलिया पहले ही 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंटरनेट मीडिया प्रतिबंधित कर चुका है, जिसके बाद वहां लगभग 47 लाख बच्चों के अकाउंट बंद किए गए हैं। क्या है इस कानून का दायरा? हालांकि यह कानून सख्त है, लेकिन इसमें कुछ अपवाद भी रखे गए हैं। यह प्रतिबंध आनलाइन विश्वकोश (जैसे विकिपीडिया), शैक्षिक या वैज्ञानिक निर्देशिकाओं और ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर साझा करने वाले प्लेटफार्म्स पर लागू नहीं होगा। विपक्ष के कुछ नेताओं ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है, लेकिन बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य संकट को देखते हुए इसे फ्रांस की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।


