नैनीताल (नेहा): नैनीताल पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग एप से फ्रॉड करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने अलग-अलग शहरों के रहने वाले चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ज्योलीकोट चौकी इंचार्ज की तहरीर पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपितों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डेबिड कार्ड व खातों में मोटी रकम के हस्तांतरण का डाटा मिला है। आरोपित क्षेत्र में रहकर बीते एक सप्ताह से ऑनलाइन गेमिंग में पैसा लगाने व बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए लोगों को प्रलोभन दे रहे थे।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को ज्योलीकोट पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बाहरी व्यक्ति लोगों को गेमिंग एप की जानकारी देने के साथ ही उनके बैंक खाते व सिम कार्ड मांग रहे है। लोगों द्वारा बैंक खाता देने के एवज में खाते में आने वाली रकम का तीन प्रतिशत कमिशन के तौर पर देने का लालच दिया जा रहा है। सूचना के बाद ज्योलीकोट पुलिस चैकिंग अभियान में जुट गई। इसी बीच वाहन भुजियाघाट से ज्योलीकोट की ओर आता हुआ मिला।
एसओ ने बताया कि मामले में लालकुंआ हाउसिंग अलवर राजस्थान निवासी शुभम गुप्ता, पुख्ता बाजार जहांगिराबाद बुलंदशहर निवासी पियूष गोयल, मोदीनगर गाजियाबाद निवासी ऋषभ कुमार, महावीरापुर सेक्टर पांच गुरुग्राम निवासी मोहित राठी को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध बीएनएस की धारा 318(4) 61(2) आईटी एक्ट की धारा 66 सी व 66 डी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
वाहन रोक पुलिस ने पूछताछ की तो वाहन चालक व सवार तीनों लोगों की भूमिका संदिग्ध नजर आई। वाहन की तलाशी लेने पर भीतर बैग में मोबाइल, सिम व डेबिड कार्ड बरामद हुए। जिसके बाद पुलिस चारों को हिरासत में लेकर चौकी ले आई। जहां सख्ती से पूछताछ में चारों ने सच उगल दिया। एसओ मनोज नयाल ने बताया कि चारों ने पूछताछ में बताया कि वह ऑनलाइन गेमिंग में प्रयोग करने के लिए लोगों के बैंक खाते लेते है। बीते एक सप्ताह से वह क्षेत्र में रुके थे। मगर क्षेत्र के लोगों द्वारा बहुत पूछताछ करने के कारण उन्हें कोई खाता देने वाला व्यक्ति नहीं मिल सका। इसके अलावा वह इंटरनेट मीडिया में फेक अकाउंट बनाकर लोगों को ठगते है। पुलिस ने आरोपितों के पास से मिले खातों और अन्य दस्तावेजों की जानकारी निकलवाने को साइबर सेल कर्मियों को बुलाकर जांच करवाई। जिसमें से एक के ई-मेल में मिले खाते से लाखों का लेनदेन होने की पुष्टि हुई।


