पटना (नेहा): पटना के सिविल कोर्ट को धमकी भरा ई-मेल मिलने से हड़कंप मचा गया है। अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए इस ई-मेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में RDX विस्फोटक लगाया गया है, जिससे सुरक्षा में व्यापक पैमाने पर बढ़ोतरी कर दी गयी है। सूचना मिलते ही जिला जज ने तुरंत आदेश जारी किया और पूरा सिविल कोर्ट परिसर खाली कराया गया। परिसर में मौजूद न्यायाधीश, अधिवक्ता, कर्मचारी और आम जनता को सुरक्षित बाहर निकाला गया और किसी भी तरह की भीड़ को अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
पीरबहोर थाना पुलिस तत्काल घटना स्थल पर पहुंच गयी है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों ने भी जांच प्रक्रिया में भाग लिया है और कोर्ट परिसर में जांच जारी है। पुलिस ने फिलहाल धमकी भरे ई-मेल को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा के हर पहलू को कवर किया है। यह धमकी ई-मेल के माध्यम से मिलना पटना सिविल कोर्ट के लिए नई स्थिति नहीं है। पिछले कुछ समय में इसी तरह की धमकी भरी ई-मेल घटनाओं के कारण कोर्ट परिसर की सुरक्षा कई बार सख्त करनी पड़ी है। इन मामलों में डॉग स्क्वाड, बम निरोधक दस्ते और तकनीकी टीमों को बुलाकर सघन जांच अभियान चलाया गया था, लेकिन ज्यादातर मामलों में कोई संदिग्ध वस्तु सामने नहीं आई थी।
इस घटना के बाद, कोर्ट परिसर के मुख्य द्वारों पर पुलिस सुरक्षा और भी अधिक कड़ी कर दी गयी है। सिविल कोर्ट में आने-जाने वाले अधिवक्ता, मुवक्किल और कर्मचारियों की पहचान पत्र जांच ज़ोर शोर से की जा रही है ताकि कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु परिसर में प्रवेश न कर सके। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, जो ई-मेल भेजा गया है, उसके आईपी एड्रेस और तकनीकी स्रोत को पकड़ने के लिए पुलिस साइबर सेल और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से भी मदद ले रही है। धमकी भरे संदेश के पीछे असली कारण और भेजने वाला व्यक्ति कौन है, इसकी तह तक पहुंचने के लिए विभिन्न विभाग सहयोग के साथ काम कर रहे हैं।
अब तक कोर्ट परिसर में किसी भी तरह के विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री का पता नहीं चला है, लेकिन सख्त सुरक्षा हटाए नहीं गयी है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें। जांच टीम इस मामले पर लगातार काम कर रही है, और जैसे ही नई जानकारी मिलेगी, अधिकारियों की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। यह घटना साबित करती है कि सरकारी परिसरों पर साइबर धमकियों और संभावित सुरक्षा खतरों की रोकथाम के लिए निगरानी और तैयारी बढ़ाना आवश्यक है, ताकि कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को बनाए रखा जा सके।


