नई दिल्ली (नेहा): सबरीमाला मंदिर से स्वर्ण चोरी मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को संदेह है कि मंदिर से जितना सोना बरामद किया गया है, उससे कहीं अधिक स्वर्ण आभूषण गायब हुए हैं। वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने इस मामले में सीबीआइ जांच की आवश्यकता से इन्कार किया। उनका कहना है कि उच्च न्यायालय द्वारा निगरानी की जा रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ”सही दिशा” में आगे बढ़ रहा है। भाजपा और माकपा इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
एसआईटी को जांच में पता चला कि द्वारपालक मूर्तियों, खंभों और श्रीकोविल दरवाजों के फ्रेम में सोने-ढके तांबे के प्लेटों में भंडारी और गोवर्धन द्वारा प्रस्तुत की गई मात्रा से अधिक सोना था। तांबे के प्लेटों पर प्लेटेड सोने के नमूनों का वैज्ञानिक विश्लेषण करने की रिपोर्ट विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (वीएसएससी), तिरुअनंतपुरम को भेजी गई है, जिसका इंतजार किया जा रहा है।
एसआईटी ने मंदिर से अधिक सोने की चोरी का संदेह जताते हुए कहा कि कोल्लम सतर्कता अदालत में दायर एक आवेदन में व्यक्त किया गया, जिसमें तीन आरोपितों प्रायोजक उन्निकृष्णन पोटी, स्मार्ट क्रिएशंस के सीईओ पंकज भंडारी और ज्वेलर गोवर्धन राडम की हिरासत की मांग की गई थी।


