नई दिल्ली (नेहा): हिमाचल प्रदेश में बारिश होने और हथनी कुंड से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने से दिल्ली में पिछले कई दिनों से बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इस मानसून में यमुना तीसरी बार खतरे के निशान 205.33 मीटर के ऊपर पहुंच गई है। इससे प्रशानस की चिंता बढ़ गई है। निचले इलाके में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
पिछले कई दिनों से हरियाणा के हथनी कुंड से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को प्रतिघंटे 60 हजार से 80 हजार क्यूसेक तक पानी यमुना में छोड़ा जा रहा था। हरियाणा की तरफ से अधिक पानी आने के कारण दिल्ली के वजीराबाद बैजार से भी पहले की तुलना में अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे लोहा पुल के पास नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
शुक्रवार दोपहर 12 बजे पानी 205.33 के स्तर पर पहुंच गया। शाम पांच बजे यह 205.5 मीटर के करीब पहुंच गया। इससे यमुना बाजार सहित अन्य निचले स्थानों पर लोगों के घरों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है। लोहा पुल के पास से शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन मार्ग पर, मयूर विहार सहित अन्य स्थानों पर राहत शिविर लगाए गए हैं। लोगों को राहत शिविर में जाने की सलाह दी जा रही है।
इस मानसून में पहली बार 19 अगस्त को और उसके बाद 27 अगस्त की रात भी यमुना का पानी खतरे के निशानसे ऊपर पहुंच गया था। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। 206 मीटर पर निचले क्षेत्र को पूरी तरह से खाली करा दिया जाता है। 14 स्थानों पर नाव से बचाव दल को तैनात किया गया है।
उल्लेखनीय है कि राजधानी में में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इस बीच, मौसम विभाग दो सितंबर तक मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। साथ ही 3 सितंबर के लिए आंधी-तूफान के साथ बारिश अनुमान जताया है। वहीं, 4 और 5 सितंबर के लिए “बारिश या गरज के साथ बौछारें” का पूर्वानुमान जारी किया है।