नई दिल्ली (नेहा): विदर्भ के ओपनर अथर्व तायडे ने विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में रविवार को सौराष्ट्र के विरुद्ध शानदार शतक जड़कर पांच साल से चले आ रहे अपने शतक के सूखे को खत्म किया। तायडे ने सिर्फ 97 गेंदों में शतक पूरा किया। उनकी इस शानदार पारी के दम पर विदर्भ ने आठ विकेट पर 317 रन का स्कोर खड़ा किया। जवाब में सौराष्ट्र की टीम 279 रन पर सिमट गई। विदर्भ ने 38 रन से फाइनल मुकाबला जीता।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी विदर्भ की टीम के लिए अथर्व तायडे ने अमन मोखड़े के साथ पारी की शुरुआत की। दोनों ने सौराष्ट्र के तेज गेंदबाजों की शुरुआती स्विंग का मजबूती से सामना किया और पहले विकेट के लिए 80 रन की साझेदारी की। सौराष्ट्र को पहली सफलता 18वें ओवर में मिली, जब अंकुर पवार ने अमन मोखड़े को क्लीन बोल्ड किया। अमन 33 रन बनाकर आउट हुए।
हालांकि, मोखाड़े एक विजय हजारे ट्रॉफी सत्र में 800 रन पूरे करने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले नारायण जगदीशन और पृथ्वी शा ये कारनामा कर चुके हैं। मोखाड़े ने इस सीजन में पांच शतक लगाए हैं और उन्होंने करुण नायर और जगदीशन के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। अपने जोड़ीदार के आउट होने के बाद भी तायडे ने आक्रामक तेवर बरकरार रखे और नए बल्लेबाज यश राठौड़ पर दबाव नहीं आने दिया।
हालांकि, मोखाड़े एक विजय हजारे ट्रॉफी सत्र में 800 रन पूरे करने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले नारायण जगदीशन और पृथ्वी शा ये कारनामा कर चुके हैं। मोखाड़े ने इस सीजन में पांच शतक लगाए हैं और उन्होंने करुण नायर और जगदीशन के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। अपने जोड़ीदार के आउट होने के बाद भी तायडे ने आक्रामक तेवर बरकरार रखे और नए बल्लेबाज यश राठौड़ पर दबाव नहीं आने दिया।

