नई दिल्ली (नेहा): देश के नए Chief Information Commissioner (CIC) और Central Vigilance Commissioner (CVC) चुनने के लिए बुधवार को एक हाई- लेवल सेलेक्शन कमेटी की अहम बैठक हुई। इस बैठक में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति को अंतिम रूप देने के लिए तीनों शीर्ष नेताओं के बीच करीब दो घंटे तक बैठक चली। इस दौरान सिर्फ CIC और CIC में खाली पड़े 8 Information Commissioners और Vigilance Commissioner के चयन पर भी विचार किया गया।
जानकारी के लिए बता दें कि पीएम इस चयन समिति के अध्यक्ष होते हैं, जिसमें विपक्ष के नेता और पीएम द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री भी शामिल होते हैं। यह समिति मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए नामों का चयन और सिफारिश करती है।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इन हाई- लेवल अधिकारियों की चयन प्रक्रिया और नामों पर अपनी असहमति जताई है। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी पहले भी CIC की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठा चुकी है। 2020 में भी तत्कालीन कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने चयन प्रक्रिया पर असहमति जताते हुए सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। इससे पहले 1 दिसंबर को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली यह समिति इन महत्वपूर्ण पदों के लिए नामों के चयन हेतु 10 दिसंबर को बैठक कर सकती है।

