नई दिल्ली (नेहा): कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को कलकाता प्रेस क्लब की ओर से आयोजित ‘द डिबेट 2026’ में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने ‘हिंदुत्व से हिंदू धर्म को सुरक्षा की जरूरत है’ शीर्षक पर बोलते हुए हिंदुत्व के कॉन्सेप्ट की आलोचना की। अय्यर ने कहा, ‘हिंदुत्व पैरानोया में हिंदू धर्म है। यह 80 फीसदी हिंदुओं को 14 फीसदी मुसलमानों के सामने डरने के लिए कहता है।
हिंदुत्व एक बीजेपी नेता का अंधी, भूखी आदिवासी लड़की को थप्पड़ मारना है क्योंकि वह चर्च में क्रिसमस लंच में शामिल होती है। हिंदुत्व शॉपिंग मॉल में जाकर क्रिसमस की सजावट तहस-नहस कर देता है।’ रविवार को कलकत्ता डिबेटिंग सर्कल द्वारा आयोजित इस बहस में तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, पूर्व सांसद स्वपन दासगुप्ता, वकील जे साई दीपक, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी, बीजेपी विधायक अग्निमित्रा पॉल, इतिहासकार रुचिका शर्मा और वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष अन्य मौजूद थे। अय्यर ने ने आगे कहा कि सावरकर ने बौद्ध धर्म को सभी हिंदुओं के लिए एक अस्तित्वगत खतरा बताया था। उन्होंने इसे हिंदुत्व का अंतिम खंडन बताया, जिसमें सार्वभौमिकता और अहिंसा का नशा था। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय पौरुष और यहां तक कि हिंदू जाति के अस्तित्व के लिए विनाशकारी था।’
कांग्रेस नेता बोले, ‘हिंदू धर्म एक महान आध्यात्मिक धर्म है और हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है। हिंदुत्व 1923 में आया; हिंदुत्व से हजारों साल पहले, हिंदू धर्म ने कई मुश्किलों का सामना किया और फिर भी जीवित रहा, फला-फूला, हिंदुत्व की सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं थी। गांधी और स्वामी विवेकानंद के हिंदू धर्म को सावरकर के हिंदुत्व द्वारा संरक्षित या बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।’
अय्यर ने कहा, ‘सावरकर ने लिखा था कि ‘हिंदू हिंसा के कामों से खुद को हिंदू समझते हैं’। महात्मा गांधी ने लिखा था कि हिंदू की एक पुरानी सभ्यता है और वह मूल रूप से अहिंसक है। आपने देखा है कि हिंदुत्व के पहरेदार बीफ जमा करने, खाने या ले जाने के शक में किसी को भी पीटते हैं और जान से मार देते हैं। गांधीजी ने लिखा था कि गाय की रक्षा के लिए इंसान को मारना हिंदू धर्म और अहिंसा का अपमान है।


