नई दिल्ली (नेहा): केंद्रीय कैबिनेट की आज की बैठक में कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इनमें एक बड़ा फैसला महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) से जुड़ा हुआ है।
खबर ये है कि केंद्र सरकार MNREGA का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ करने पर विचार कर रही है और आज इस ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोज़गार गारंटी बिल’ को मंजूरी मिल सकती है।
मनरेगा, जिसे नरेगा के नाम से भी जाना जाता है, देश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बहुत ही खास योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आजीविका यानी रोजी-रोटी को सुरक्षित करना है।
इस योजना के तहत, सरकार हर वित्त वर्ष में हर परिवार को कम से कम 100 दिनों का रोजगार देती है.यह काम उन वयस्क सदस्यों को दिया जाता है जो अकुशल श्रमिक कार्य (मेहनत-मजदूरी) करने के लिए तैयार होते हैं।


